पहले बोता था
गेहूं और
पैदा करता था
गेहूं आदमी!
जिससे पलता था
यह आदमी !!
भूल से
न जाने कैसे;
बो गये कुछ
सिक्के एक दिन,
फिर क्या था-
गेहूं की जगह
जमीन
ने शुरू कर दिए
पैदा करने सिक्के!
अब नही उगती
गेहूं की वह फसल !
और भूखों मरने लगा
यह आदमी !
जब से पैदा होने लगे सिक्के!
ये सिक्के (नोट) बनाने वाला ही मानवता का सबसे बडा दुश्मन था.
जवाब देंहटाएंरामराम.
सार्थक और सटीक ..बधाई
जवाब देंहटाएंयहाँ भी पधारें
http://www.rajeevranjangiri.blogspot.in/
बहुत प्रभावी ... सिक्कों की चमक में वो भूल गए की उन्हें खाया नहीं जा सकता ... लाजवाब रचना ...
जवाब देंहटाएंबहुत बढ़िया। सिक्के की दुनिया सिक्के का आदमी।
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