अभी- अभी जैसे गुजरे हो वो लम्हें जिन्हें हम भूलने की कोशिश में हैं, पर शायद, कभी कुछ गुजरता है या भुलाया जा सकता है? कितने समझदार हैं सोचते हैं , सब गुजर जाएगा। पर नहीं, समय भर देगा रिक्तिक्ता, और शायद फिर से करना पड़े प्रयास कुछ गुजरा हुआ भुलाने का।