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शब्द : अर्थ और नये आयाम !

शब्द,
ध्वनि  व  अर्थ  में,
रखता  है
विलक्षण  अस्तित्व.
शब्द,
जीवन  व कर्म  में
प्रकट करता है
यथार्थ व्यक्तित्व.
शब्द,
उत्पन्न करता है
अंतर्मन  में,
संशय- विस्मय.
शब्द,
हो जाया करता है
प्रायः  बहु अर्थी
गह्वर, रहस्यमय !

शब्द,
स्थापित करता है
जाने-अनजाने
कितने ही सम्बन्ध
शब्द,
विच्छेदित करता है
कितने ही पुराने
किये हुए अनुबंध !.


टिप्पणियाँ

  1. कल 27/05/2012 को आपकी यह पोस्ट http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

    उत्तर देंहटाएं
  2. वाकई ज़रा भी असावधानी हो जाए तो अर्थ का अनर्थ हो जाता है !
    शब्दों को परिभाषित करती बहुत ही सुंदर रचना!

    उत्तर देंहटाएं
  3. manushy mar jata hai lekin shabd amar ho jate hai bahut sundar bhav

    उत्तर देंहटाएं
  4. शब्द, हो जाया करता है प्रायः बहु अर्थी......
    शब्द, स्थापित करता है जाने -अनजाने कितने ही संबंध
    खूबसूरत पंक्तियाँ
    धीरेन्द्र भाई....साधुवाद

    उत्तर देंहटाएं
  5. शब्द का सुन्दर शब्द चित्रण
    श्रेष्ठ रचना
    सच में शब्द एक बहुआयामी शब्द है

    उत्तर देंहटाएं

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छूटे हुए पल

कहीं कुछ छूट जाता है
जब न समेट पाने की वजह से नहीं,
बल्कि जानबूझकर
छोड़ दिया जाता है;
वह कचोटता रहता है उम्रभर।

छोड़े जाने की
कोई तो वजह रही होगी
या रही होगी मजबूरी,
जब हमने छोड़ दिया;
उस छूटे हुए पल को,
जिसे उम्र आज भी 
आकुल है पा लेने को।
काश.....................

यादें: जो रहती हैं ताउम्र ताज़ी।

जज़्बातों को
तुम समेट लेना,
मैं रख लूँगा
तुम्हारा मन। कि बिखरने न पाये
सबंधों की गठरी
और हाँ,
बोझ भी न बनने पाये।
बना रहे
जीवन में हल्कापन।। क्यों
समय से पहले
टूट जाती हैं
ये ख्वाहिशें, या
हो जाती हैं पैदा
नयी ख्वाहिशें,
पूरी होने पर।
क्या यही है जीवन।। तुम्हारी अँगुलियों में,
लिपटा हुआ
मेरे केशों का
बिखरा हुआ प्रेम।
समेट रहा हूँ
शामों को यादों में
भीग रहा है हमारा मन।।

तुम्हें तुम्हारा आफताब मुबारक

तुम्हें तुम्हारा आफताब मुबारक
हमको हमारा ये चराग मुबारक।

तुम क्या मुकम्मल करोगे मसलों को,
तुम्हें ही तुम्हारा जवाब मुबारक।

हो सकते थे और बेहतर हालात,
रख लो, तुम्हें तुम्हारा हिसाब मुबारक ।

सूरत बदलने से नहीं बदलती सीरत,
तुमको ये तुम्हारा नया हिजाब मुबारक।

खुद ही खुद तुम खुदा बन बैठे हो
तुम्हें यह तुम्हारा खिताब मुबारक।

तुम्हें तुम्हारा आफताब मुबारक
हमको हमारा ये चराग मुबारक।