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अन्तर्गगन: किसे ढूंढते हैं, ये सूने नयन ?

अन्तर्गगन: किसे ढूंढते हैं, ये सूने नयन ?: किसे ढूंढते हैं, ये सूने नयन ? स्मृतियों में क्यों, हो रहे विह्वल , किस हेतु उन्मीलित, हैं ये अविरल / स्पंदन हीन हृदय , औ नीरद अयन किसे ढूं...

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