मंगलवार, 20 दिसंबर 2011

उपकार !

अचानक !
कोई दूर 
देता आवाज़ ,
बुला रहा 
अपने पास ,
चले आओ
कर चुका
तेरा इंतजार ,
क्या यही 
था वो प्यार 
जिसे तुमने 
भुला कर 
किया उपकार !

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