बुधवार, 28 दिसंबर 2011

चिर प्रश्न

जीवन ,
एक वह सत्य है ;
जिसे जी कर भी न 
जाना जा सका 
और 
मृत्यु पश्चात 
तो है 
चिर रहस्य !
पर 
अभी भी
युग पुरुष 
कर रहे है प्रयास,
जानने को
जीवन की सार्थकता ,


क्या 
जन्म और मृत्यु ,
मात्र भ्रम हैं 
या किसी सृजेता का 
कल्पनामयी 
स्वप्न !
प्रत्येक जीवन
इसी उहापोह में 
बीत जाता है ,
और 
चिर प्रश्न 
प्रश्न  ही बने रहते है!



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