मंगलवार, 24 जनवरी 2012

त्याग !


समर्पण की परिभाषा
जानना कहते हो !
क्या होता है
समर्पण का अर्थ !

पर कौन याद करता है,
ऐसे समर्पण को !
शायद कभी
जब भूल से याद आ जाता है
कभी अपना स्वार्थ
तो कर लेते हैं क्षण भर
स्मरण और फिर भुला देते हैं
उनका समर्पण ,त्याग
और बलिदान !

दया की वो देवी
जिसने बीमारों , घायलों
और जरूरत मंदों के लिए पूरा
जीवन समर्पित कर दिया!

नाम तो कोई भी दे सकते हो
चाहे पन्ना धाय
कह लो
या Florence Nightengle !

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